म्यूच्युअल फंड में निवेश करते समय आपके पास एक विकल्प और होता है, हाइब्रिड म्यूच्युअल फंड (Hybrid Fund) का. यहां निवेशक एक फंड के अंदर ही कई एसेट क्लास में निवेश करते हैं. यह दो या उससे अधिक एसेट क्लास का कॉम्बिनेशन हो सकता है. इन फंड में इक्विटी, सोना, डेट और इंटरनेशनल इक्विटी अलग-अलग रेश्यो में शामिल होते हैं. हाइब्रिड फंड की 6 सब-कैटेगरी होती हैं.

Mutual Funds: हाइब्रिड फंड क्या है, क्या है इनमें निवेश का फायदा, जानें जरूरी हाइब्रिड फंड क्या हैं बातें

By: ABP Live | Updated at : 26 Jan 2022 06:27 PM (IST)

Mutual Funds: अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आपके पास एक ऑप्शन हाइब्रिड फंड का भी है. हाइब्रिड फंड भी एक प्रकार का म्यूचुअल फंड है जो एक ही फंड के अंदर कई एसेट क्लास में निवेश करता है. फंड के प्रकार के आधार पर, यह दो या दो से अधिक एसेट क्लास का कॉम्बिनेशन हो सकता है. इनमें इक्विटी, डेब्ट, सोना और इंटरनेशनल इक्विटी अलग-अलग अनुपात में शामिल हैं. इन एसेट क्लास के बीच बहुत कम या कोई संबंध नहीं होता है.

हाइब्रिड फंड के लाभ
हाइब्रिड फंड की खासियत यह है कि फंड का पैसा इक्विटी के साथ डेट एसेट हाइब्रिड फंड क्या हैं में भी लगाया जाता है. कई बार फंड का पैसा सोना में भी लगाया जाता है. अलग-अलग क्लास में निवेश के कारण इसमें निवेश से डाइवर्सिफिकेशन का फायदा मिलता है. मान लीजिए अगर इक्विटी में लगा पैसा कम होता है या बाजार के माहौल के मुताबिक बिगड़ता है तो डेट और सोने में लगे पैसे के जरिए फंड बैलेंस हो जाता है. ठीक अगर सोने में कमजोरी से फंड में रिटर्न कम होता है तो डेट और इक्विटी के जरिए बैलेंस हो जाता है. यानी की अलग-अलग एसेट क्लास यानी की डाइवर्सिफिकेशन से में निवेश करने से फंड को फायदा होता है.

हाइब्रिड फंड क्या हैं?

हमारे भोजन का चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि हमारे पास वक़्त कितना है, प्रयोजन क्या है और हमारा मिज़ाज कैसा है| अगर जल्दबाज़ी में हैं जैसे दफ्तर में या बस या रेल यात्रा के पहले, तो संमिश्रन भोजन/कॉम्बो मील सही होगा और यदि ऐसा कोई चर्चित/लोकप्रिय मील हम जानते हैं, हम बिना मेनू देखे उसे ले लेंगे| फुर्सत से किये गए भोजन में मेनू से हम अपने मर्ज़ी और चाहत से कई तरह के व्यंजन शामिल करते हैं|

इसी प्रकार, म्यूच्यूअल फंड का एक निवेशक, व्यक्तिगत तौर पर अपने फंड्स जैसे इक्विटी, डेब्ट, स्वर्ण, लिक्विड फंड आदि का चयन और निवेश कर सकता है, और साथ ही उसके पास कॉम्बो मील का विकल्प भी होता है जिसे हाइब्रिड फंड कहते हैं| ये हाइब्रिड स्कीम्स दो या दो से ज्यादा परिसंपत्ति श्रेणियों में निवेश करती हैं जिससे निवेशक को इनका दोहरा लाभ पहुँच सके| भारतीय म्यूच्यूअल फंड व्यवसाय में विविध हाइब्रिड फंड्स उपलब्ध हैं| कुछ स्कीम्स/ हाइब्रिड फंड क्या हैं योजनायें दो परिसंपत्तियों जैसे इक्विटी और डेब्ट में निवेश करती हैं, कुछ हैं जो इक्विटी, डेब्ट और स्वर्ण में निवेश करती हैं| हालांकि, ज़्यादातर लोकप्रिय हाइब्रिड योजनायें इक्विटी और डेब्ट में निवेश करती हैं|

Hybrid Mutual Funds: कम रिस्‍क में बेहतर रिटर्न; किसे करना चाहिए निवेश? क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

Hybrid Mutual Funds: म्‍यूचुअल फंड में एक कैटेगरी हाइब्रिड म्‍यूचुअल फंड्स की है. इन स्‍कीम्‍स फंड हाउस निवेशकों का पैसा इक्विटी और डेट दोनों तरह के एसेट क्‍लास में लगाती हैं. प्‍योर इक्विटी स्‍कीम के मुकाबले इसमें रिस्‍क कम रहता है.

Hybrid Mutual Funds: शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच म्‍यूचुअल फंड्स में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है. म्‍यूचुअल फंड में निवेश आज के समय में काफी आसान है. निवेशक को इक्विटी फंड से लेकर डेट फंड, गोल्‍ड फंड और इंफ्रा फंड की स्‍कीम्‍स में निवेश का ऑप्‍शन मिलता है. हर कैटेगरी का अपना-अपना रिस्‍क और रिटर्न का कैलकुलेशन है. इनमें एक कैटेगरी हाइब्रिड म्‍यूचुअल फंड्स (Hybrid Mutual Funds) की है. इन स्‍कीम्‍स फंड हाउस निवेशकों का पैसा इक्विटी और डेट दोनों तरह के एसेट क्‍लास में लगाती हैं. प्‍योर हाइब्रिड फंड क्या हैं इक्विटी स्‍कीम के मुकाबले इसमें रिस्‍क कम रहता है.

हाइब्रिड फंड्स का रिटर्न फैक्‍टर समझिए

हाइ‍ब्रिड म्‍यूचुअल फंड्स में भी अलग-अलग कैटेगरी है. इनमें एग्रेसिव हाइब्रिड, कंजर्वेटिव हाइब्रिड, बैलेंस्ड हाइब्रिड, डायनेमिक एसेट एलोकेशन या बैलेंस्ड एडवांटेज, मल्टी एसेट एलोकेशन, आर्बिट्राज और इक्विटी सेविंग स्कीम्‍स शामिल हैं. बैलेंस्‍ड हाइब्रिड फंड्स की बात करें, तो बीते 5 साल में इनका रिटर्न हाइब्रिड फंड क्या हैं औसतन 20 फीसदी सालाना तक रहा है.

एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स का भी बीते 5 साल में औसत रिटर्न करीब 20 फीसदी तक सालाना रहा है. कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड्स का रिटर्न इसी अवधि में 10 फीसदी तक रही है. हाइब्रिड इक्विटी सेविंग स्‍कीम्‍स की बात करें, तो इनका 5 साल का रिटर्न करीब 11 फीसदी तक, हाइब्रिड आर्बिट्राज का करीब 6 फीसदी तक और हाइब्रिड मल्‍टी एसेट अलोकेशन फंड्स का रिटर्न करीब 20 फीसदी तक सालाना रहा है.

Zee Business Hindi Live यहां देखें


Hybrid Funds में किसे करना चाहिए निवेश

BPN फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम का कहना है कि हाइब्रिड फंड्स एक तरह से म्‍यूचुअल फंड (Mutual Fund) या ETF का एक क्‍लासिफिकेशन है. हाइब्रिड म्यूचुअल फंड एक से अधिक एसेट क्लास में निवेश करते हैं. इनमें इक्विटी और डेट एसेट शामिल हैं. ये स्कीम्‍स सोने में भी पैसा लगाती हैं. यानी एक ही प्रोडक्ट में इक्विटी, डेट और सोने में पैसा लगाने का मौका मिलता है. इस तरह से इनका निवेश काफी डायवर्सिफाइड होता है. इसका फायदा यह है कि अगर इक्विटी में रिटर्न बिगड़ता है तो डेट या सोने का रिटर्न ओवरआल रिटर्न बैलेंस कर सकता है. उसी तरह से डेट या सोने में रिटर्न कमजोर पड़े तो इक्विटी का रिटर्न इसे बैलेंस कर देता है.

निगम का कहना है कि अगर आप कन्जर्वेटिव इन्वेस्टर हैं. यानी, डायरेक्‍ट इक्विटी का जोखिम से बचना चाहते हैं, तो आपके लिए हाइब्रिड म्यूचुअल फंड (Hybrid Mutual Fund) एक अच्‍छा ऑप्‍शन हो सकता है. इनमें जहां दूसरे कैटेगिरी के मुकाबले रिस्क कम है, वहीं रिटर्न भी बेहतर मिल रहा है. कुल मिलाकर बात करें, तो इसमें हाइब्रिड फंड्स में अलग-अलग कैटेगरी के रिस्‍क फैक्‍टर को देखकर निवेशक निवेश कर सकते हैं. बेहतर कम जोखिम लेने वाले निवेशक से लेकर एग्रेसिव निवेशकों के लिए भी इन फंड्स में निवेश का ऑप्‍शन है.

मल्टी एसेट एलोकेशन फंड (Multi Asset Allocation Fund)


यह फंड कम से कम तीन अलग-अलग एसेट्स में निवेश करता है. हर एक में कम से कम 10% पैसा लगाया जा सकता है.


ये फंड इक्विटी, डेट और आर्बिट्रेज का एक मिश्रण होते हैं. यह फंड अपनी कुल संपत्ति का कम से कम 65 प्रतिशत इक्विटी में जिसमें भी ज्यादातर आर्बिट्रेज में और बाकी डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है. लेकिन डेट इंस्ट्रूमेंट में मिनिमम 10 प्रतिशत निवेश होना जरूरी होता है. ऐसे फंड उनके लिए अच्छे विकल्प होते हैं जो इक्विटी में निवेश भी करना चाहते हैं पर साथ ही सिक्योर भी रहना चाहते हैं.

हाइब्रिड फंड क्या है, किसे करना चाहिए इसमें निवेश?

क्या है हाइब्रिड फंड?

म्यूचुअल फंडों हाइब्रिड फंड क्या हैं की तमाम कैटेगरी में एक है हाइब्रिड फंड. ऐसी स्कीमें इक्विटी और हाइब्रिड फंड क्या हैं डेट दोनों तरह के एसेट क्‍लास में निवेश करती हैं. बाजार नियामक सेबी ने सात हाइब्रिड स्कीमें बनाकर इन्हें साफ तौर पर परिभाषित कर दिया है. इनमें एग्रेसिव हाइब्रिड, कंजर्वेटिव हाइब्रिड, बैलेंस्ड हाइब्रिड, डायनेमिक एसेट एलोकेशन या बैलेंस्ड एडवांटेज, मल्टी एसेट एलोकेशन, आर्बिट्राज और इक्विटी सेविंग स्कीम शामिल हैं. आइए, यहां इनकी अन्य खास बातों के बारे में जानते हैं.

रेटिंग: 4.45
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 522