5. सुक्खू को मिला राहुल के करीबी होने का फायदा
सुखविंदर सिंह सुक्खू की गिनती राहुल के करीबी नेताओं में होती है. 2013 में जब राहुल हर राज्य में अपनी टीम बना रहे थे तब उन्होंने सुक्खू को हिमाचल कांग्रेस का अध्यक्ष बनाकर भेजा था. हालांकि, उस वक्त के सीएम वीरभद्र सिंह ने इसका जमकर विरोध किया था. सुक्खू 2019 तक हिमाचल कांग्रेस के अध्यक्ष रहे. 2022 में उन्हें राज्य के कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था. उन्होंने बीजेपी के गढ़ हमीरपुर में भारी सेंधमारी की. जिले के 5 में से 4 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की.

50 Percent Off In This 2 Stock

50% की छूट पर मिल रहे इन 2 बड़ी कंपनियों के शेयर! जाने निवेश से होगा क्रिप्टोकरेंसी के फ़ायदे और नुकसान मुनाफा या फिर घाटा?

नमस्कार दोस्तों, जल्दी ही वित्त वर्ष 2022 खत्म होने वाला है, और ऐसे में आप भी सोचते क्रिप्टोकरेंसी के फ़ायदे और नुकसान होंगे कि किसी अच्छे स्टॉक में निवेश करें, पर आपको बता दें आपको बाजार में कई प्रकार के स्टॉक मिल जाएंगे, जो आपको बहुत ही कम दाम में या फिर अत्यधिक छूट में मिलते होंगे, पर यह जानना भी बहुत जरूरी है कि क्या उनमें निवेश से आपको सचमुच फायदा होगा या नहीं, और आज भी हम आपके लिए ऐसे ही दो बेहतरीन स्टॉक लेकर आए हैं जो आपको करीब आधे दामों में मिल सकते हैं, पर हम आपको उनकी सच्चाई भी बताएंगे

कौन से हैं ये 2 स्टॉक: आज हम जिन दो स्टॉक की बात करने वाले हैं पिछले साल 2021 में इन कंपनियों को IPO के माध्यम से शेयर बाजार में लिस्ट किया गया था, बता दे कि हम बात कर रहे हैं Zomato और Paytm की, यही वे दो बड़ी कंपनियां है जितने शुरुआती दौर में निवेशक निवेश करके अब तक कंगाल हो चुके हैं, और अब वर्तमान में कंपनी के शेयर करीब आधे दामों में आपको मिल सकते हैं, बता दें कि पेटीएम में जिन निवेशकों ने इसके IPO में ₹1 लाख निवेश किया होगा, उनका निवेश आज कुल क्रिप्टोकरेंसी के फ़ायदे और नुकसान घटकर करीब ₹36 हजार हो गया है

Paytm ने दी बायबैक को मंजूरी, निवेशको के लिए खुशखबरी

Paytm बायबैक के बारे में जानने से पहले जानते है की बायबैक क्या है जब कंपनी निवेशको या शेयरहोल्डर्स से शेयर को खरीद लेती है तो इसे बायबैक कहा जाता है और यह तरीका सबसे अच्छा माना जाता है जिससे निवेशको के पैसो को लोटाया जा सकता है

पेटीएम कंपनी की पैरेंट कंपनी जिसका नाम वन 97 कम्यूनिकेशन्स है इस कंपनी के बोर्ड ने शेयर्स को बायबैक करने की मंजूरी दे दी है ओपन मार्केट के जरिए लगभग 850 करोड़ रुपये के बायबैक को मंजूरी मिल चुकी है अधिकतम तथा न्यूनतम बायबैक साइट के आधार पर ही 52,46,913 इक्विटी शेयर को कंपनी द्वारा खरीदा जाएगा और कंपनी के द्वारा बायबैक की कीमत ₹810 पर शेयर खरीदने की कीमत तय की गई है

Paytm approves buyback

प्रतिभा सिंह क्‍यों नहीं बन पाई हिमाचल की मुख्‍यमंत्री? अंतिम राउंड में आउट होने की ये 5 वजहें

नई दिल्‍ली। हिमाचल (Himachal) में चुनाव परिणाम (election results) आने के 48 घंटे बाद कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) को लेकर उलझी गुत्थी को सुलझा लिया है. सूबे में कद्दावर नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू नए मुख्यमंत्री होंगे. उनके अलावा प्रतिभा सिंह भी मुख्यमंत्री पद की इस रेस में शामिल थीं. 30 सालों से अधिक समय से हिमाचल कांग्रेस (Himachal Congress) पर वीरभद्र परिवार का एकक्षत्र राज्य था.

सूबे के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह (Former CM Virbhadra Singh) के निधन के बाद कांग्रेस ने उनकी पत्नी प्रतिभा को पार्टी की कमान सौंपी. उनके नेतृत्व में ही पार्टी ने चुनाव भी जीता, लेकिन अंतिम समय में वे मुख्यमंत्री पद से बाहर हो गईं. अब उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं. सीएम पद की सबसे मजबूत दावेदार रहीं प्रतिभा आखिर कैसे पीछे रह गईं? आइए जानते हैं.

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2. सांसद का पद सीएम कुर्सी के लिए जंजाल बना
प्रतिभा सिंह वर्तमान में मंडी सीट से सांसद है. कांग्रेस अगर उनको मुख्यमंत्री बनाती तो मंडी में उपचुनाव कराना पड़ता. वहीं उनको विधायक बनाने के लिए भी एक सीट खाली करनी पड़ती. यानी दो उपचुनाव. कांग्रेस हाईकमान ने इस स्थिति से बचने के लिए विधायक को ही मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया, जिसके बाद प्रतिभा सिंह रेस से बाहर हो गईं.

3. मंडी में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब भी पक्ष में नहीं
प्रतिभा सिंह वर्तमान में राज्य कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष हैं. उनके नेतृत्व में कांग्रेस क्रिप्टोकरेंसी के फ़ायदे और नुकसान ने 68 में से 40 सीटों पर जीत दर्ज की है. हालांकि, प्रतिभा अपने गृह जिले में फेल रही. मंडी जिले की 10 विधानसभा सीट में से 9 पर कांग्रेस की हार हुई है. मंडी में कांग्रेस का प्रदर्शन भी प्रतिभा के राह में रोड़ा बना.

Top Trending Stock: मार्केट खुलते ही 10% उछल गया Indiabulls Housing Finance का शेयर, अभी जा सकता है काफी ऊपर

पॉजिटिव वैश्विक संकेतों से बुधवार को ब्रॉडर मार्केट में भारी लिवाली देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सेज का प्रदर्शन बेचमार्क क्रिप्टोकरेंसी के फ़ायदे और नुकसान इंडेक्सेज से बेहतर दिखाई दे रहा है। निफ्टी 500 (Nifty 500) में शामिल शेयरों में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस (Indiabulls Housing Finance) का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। भारी वॉल्यूम के साथ यह शेयर शुरुआती घंटे में 10 फीसदी से ज्यादा उछल गया। टेक्निकली यह शेयर एवरेज से अधिक वॉल्यूम के साथ अपने 31 हफ्ते के लंबे कंसोलिडेशन से बाहर निकल गया है। यह सभी जरूरी मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है और इसके 20 दिन के मूविंग एवरेज में स्ट्रॉन्ग बाइंग इंटरेस्ट दिख रहा है। यह इसमें पॉजिटिविटी का संकेत है।

साथ ही इस स्टॉक ने गोल्डन क्रॉसओवर के करीब पहुंच गया है जो लॉन्ग पीरियड के लिए बुलिश माना जाता है। शुरुआती एक घंटे के कारोबार में दो करोड़ से अधिक शेयरों की खरीदफरोख्त हुई जो इसका कई दिनों का रेकॉर्ड है। प्राइस में तेजी के साथ-साथ 14 दिन की अवधि का RSI और OBV जैसे टेक्निकल पैरामीटर्स भी हायर लेवल पर ट्रेड कर रहे हैं। अभी यह शेयर एनएसई पर 151 रुपये से ऊपर ट्रेड कर रहा है। मूमेंटम ट्रेडर्स को आने वाले दिनों में इस स्टॉक पर करीबी नजर रखनी चाहिए।

एनपीएस समृद्धि नियोजक क्या माना जाता है

एनपीपी की मदद से एनपीएस सब्सक्राइबर एनपीएस को लेकर देखा जाए तो अपने मौजूदा योगदान के आधार पर वार्षिकी विकल्पों के अनुसार अपनी अनुमानित सेवानिवृत्ति आय का अनुमान लगाने के बाद फायदा हो सकता है।

. इसे PFRDA ने ग्राहकों की सुविधा को लेकर पेश होने जा रह है। पीएफआरडीए ने 9 दिसंबर 2022 को एक सर्कुलर में कहा था कि महंगाई और खर्च के अनुमान को लेकर भविष्य की योजना के लिए एनपीपी एक अच्छा विकल्प मिलना अहम हो जाता है।

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