यदि पुरे डाक्यूमेंट्स सही है तो कमोडिटी सेगमेंट इनेबल होने में 48 घंटे का समय लगेगा।

कमोडिटी मार्केट में करनी है कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग ट्रेडिंग तो इन बातों का ना करें नजरअंदाज

अगर आप कमोडिटी मार्केट में कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग ट्रेडिंग करते हैं या फिर ट्रेडिंग शुरु करने का मन बना कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग रहे हैं तो आज के खास एपिसोड में हम आपको कमोडिटी में कारोबार से जुड़ी हर बारीकियां बताने वाले हैं। ब्रोकर का चुनाव कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग करने से लेकर सौदा लेने तक की पूरी डिटेल्स पर बात होगी। साथ ही कमोडिटी एक्सचेंज किस तरह से काम करता है कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग और BUY/SELL की स्थिति में भुगतान और डिलिवरी को लेकर क्या नियम हैं, इसपर भी चर्चा करेंगे।

कमोडिटी ट्रेडिंग के लिए गाइडलाइंस

कमोडिटी में सिर्फ एक्सचेंज में रजिस्टर्ड ब्रोकर के जरिए ही ट्रेडिंग करें। ट्रेडिंग शुरू करने से पहले KYC करना जरूरी होता है। सभी ट्रेड Unique Client Code के जरिए करना चाहिए। अपना मोबाइल नंबर और E-Mail जरूर रडिस्टर्ड करें। SMS, E-Mail के जरिए एक्सचेंज ट्रेड की जानकारी देता है। एक्सचेंज की वेबसाइट पर ट्रेड वेरिफिकेशन की सुविधा भी मिलती है।

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BUY/SELL पर एक कामकाजी दिन में भुगतान/डिलीवरी होता है। 24 घंटे के अंदर एक्सचेंज हर ट्रेड की डिटेल्स भेजता है। एक्सचेंज ये डिटेल्स SMS, E-Mail के जरिए ट्रेड डिटेल्स भेजता है। एक्सचेंज हर 7 कामकाजी दिन में वीकली स्टेटमेंट देता है। वीकली स्टेटमेंट में फंड बैलेंस/डिलीवरी डिटेल्स होती है। ट्रेड डिटेल्स गलत होने पर 15 दिन कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग में शिकायत की सुविधा मिलती है। ब्रोकर समाधान नहीं निकाले तो एक्सचेंज में शिकायत करें। अगर किसी कारणवंश एक्सचेंज के समाधान से संतुष्ट ना होने पर SEBI में जाएं।

इन बातों का भी ख्याल रखें

कमोडिटी ट्रेडिंग के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी होता है जैसे समय-समय पर एक्सचेंज वेबसाइट चेक करते रहना चाहिए। ट्रेडिंग शुरू करने से पहले ब्रोकर की पूरी डिटेल्स पता करें। ब्रोकर की डिटेल्स एक्सचेंज वेबसाइट पर है या नहीं चेक करें। ट्रेडिंग वाली कमोडिटी के फंडामेंटल की जानकारी रखेंअफवाहों और मार्केट टिप्स पर भरोसा नहीं करें।

शेयर मार्केट से कितना अलग है कमोडिटी मार्केट, जानिए कैसे होती है कमोडिटी ट्रेडिंग?

शेयर बाजार ने भी निवेशकों को निराश नहीं किया. तेजी से दौरान निवेशकों को बंपर मुनाफा मिला. लेकिन यूरोप में यूद्ध के माहौल से सुरक्षित निवेश की मांग तेजी से बढ़ी है. क्योंकि शेयर बाजार में कमजोरी का ट्रेंड है.

कोरोना महामारी के बाद शेयर मार्केट में निवेशकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़त देखने को मिली है. इसी साल अगस्त में डीमैट खातों की संख्या पहली बार 10 करोड़ के पार पहुंच गई. हालांकि, शेयर बाजार ने भी निवेशकों को निराश नहीं किया. तेजी से दौरान निवेशकों को बंपर मुनाफा मिला. लेकिन यूरोप में यूद्ध के माहौल से सुरक्षित निवेश की मांग तेजी से बढ़ी है. क्योंकि शेयर बाजार में कमजोरी का ट्रेंड है. ऐसे में कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की मांग तेजी देखने को मिली है. क्या आपको पता है कि कमोडिटी मार्केट क्या है और यह इक्विटी यानी शेयर मार्केट से कितना अलग है.

कमोडिटी मार्केट क्या है?

कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) यह एक ऐसा मार्केटप्लेस है जहां निवेशक मसाले, कीमती मेटल्स, बेस मेटल्स, एनर्जी, कच्चे तेल जैसी कई कमोडिटीज की ट्रेडिंग करते हैं.

  • एग्री या सॉफ्ट कमोडिटीज में मसाले जैसे काली मिर्च, धनिया, इलायची, जीरा, हल्दी और लाल मिर्च हैं. इसके अलावा सोया बीज, मेंथा ऑयल, गेहूं, चना भी इसी का हिस्सा हैं.
  • नॉन-एग्री या हार्ड कमोडिटीज में सोना, चांदी, कॉपर, जिंक, निकल, लेड, एन्युमिनियम, क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस शामिल हैं.

इक्विटी मार्केट और कमोडिटी मार्केट में क्या अंतर है?

  • इक्विटी मार्केट में लिस्टेड कंपनियों के शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं. वहीं कमोडिटी मार्केट में कच्चे माल को बेचा और खरीदा जाता है.
  • इक्विटी के होल्डर को शेयरहोल्डर कहा जाता कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग है, जबकि कमोडिटी के होल्डर को ऑप्शन कहा जाता है.
  • शेयरहोल्डर को पार्शियल कंपनी का मालिक माना जाता है, लेकिन कमोडिटी मालिकों कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग को नहीं.
  • इक्विटी शेयरों की समाप्ति तिथि नहीं होती है. जबकि कमोडिटी में ऐसा नहीं होता है.
  • इक्विटी मार्केट में शेयरहोल्डर डिविडेंड के योग्य माना जाता है. वहीं कमोडिटी मार्केट में डिविडेंड का प्रावधान नहीं होता.

भारत में कमोडिटी ट्रेडिंग के लिए प्रमुख एक्सचेंज हैं. इसमें मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX), नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) के साथ-साथ यूनिवर्सल कमोडिटी एक्सचेंज (UCX), नेशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (NMCE), इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (ICEX), ACE डेरिवेटिव्स एंड कमोडिटी एक्सचेंज लिमिटेड शामिल हैं.

कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग

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हम Console से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज(MCX) कैसे इनेबल कर सकते है ?

यदि आप मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कमोडिटी में ट्रेड करना चाहते हैं, तो आप अपना Zerodha अकाउंट खोलने के बाद Console से कमोडिटी सेगमेंट को एक्टिवेट कर सकते हैं।

नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कीजिये

  1. Console लॉगिन कीजिये
  2. कमोडिटी सेगमेंट के अंदर, Activate segment बटन में क्लिक कीजिये (या फिर आप Account > Segments पर क्लिक कीजिये).कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग
  3. Commodity account बटन पर क्लिक कीजिये, फिर Continue में क्लिक कीजिये
  4. ड्ऱॉप-डाउन से income range सेलेक्ट कीजिये, Trading experience और Commodity trade classification बॉक्स भरिये
  5. इनकम प्रूफ अटैच कीजिये और यदि फाइल पासवर्ड प्रोटेक्टेड है, तो फिर “File password tab” में पासवर्ड डालिये.

नीचे दिए हुए डाक्यूमेंट्स को आप इनकम प्रूफ के लिए दे सकते है, आप इनमे से कोई एक डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते है :

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MCX पर ट्रेडिंग के समय में हुआ बदलाव, जान लीजिए पूरी डिटेल

सोमवार से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिफ्रेंशिएबिल नॉन एग्री कमोडिटीज और एग्री कमोडिटीज (कपास, सीपीआई और कपास) में ट्रेडिंग सुबह 9 बजे शुरू हो गई

MCX Trading Timings : मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में ट्रेडिंग के समय में सोमवार से बदलाव हो गया। इसकी वजह यूएस डेलाइट सेविंग टाइमिंग्स है। नया समय सुबह 9 बजे से रात 11.30 बजे तक का है।

इस क्रम में, आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिफ्रेंशिएबिल नॉन एग्री कमोडिटीज और एग्री कमोडिटीज (कपास, सीपीआई और कपास) में ट्रेडिंग सुबह 9 बजे शुरू हो गई। हालांकि, नए टाइम जोन में नॉन एग्री कमोडिटीज (non-Agri commodities) में रात 11.30 बजे तक ट्रेडिंग हो सकेगी, वहीं एग्री कमोडिटीज (Agri commodities) में रात 9 बजे तक ही ट्रेडिंग होगी।

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