1865: विश्व संचार दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

1939 में आज ही के दिन अमेरिका के NBC ने टीवी पर पहली बार किसी मैच का लाइव टेलीकास्ट किया।

आज भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज का इतिहास: 230 साल पहले 24 लोगों ने की थी न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की शुरुआत, आज है दुनिया का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज

दुनिया के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज ‘दि न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज’ यानी NYSE की शुरुआत आज ही के दिन की गई थी। इसकी शुरुआत महज 24 भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज लोगों ने की थी। आज इस स्टॉक एक्सचेंज में 2 हजार से भी ज्यादा कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से ये दुनिया का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। आज NYSE में हर दिन 90 लाख से भी ज्यादा स्टॉक और सिक्योरिटी की ट्रेडिंग होती है। NYSE को ‘द बिग बोर्ड’ के नाम से भी जाना जाता है।

इसकी शुरुआत करने वाले सभी लोग न्यूयॉर्क में बॉन्ड और सिक्योरिटी की ट्रेडिंग का बिजनेस करते थे। मार्च 1792 में इन लोगों ने न्यूयॉर्क के एक होटल में मीटिंग की। इसका उद्देश्य बिजनेस को और सुरक्षित और बेहतर बनाना था।

आज ही के दिन 1792 में ही इन्हीं 24 व्यापारियों ने एक एग्रीमेंट साइन किया, जिसे बटनवुड एग्रीमेंट नाम दिया गया। इस एग्रीमेंट में बिजनेस से जुड़े नियम-कायदे थे। दरअसल एक गार्डन में बटनवुड के पेड़ के नीचे ये एग्रीमेंट साइन हुआ था इसी वजह से इसे बटनवुड एग्रीमेंट नाम दिया गया। इसी के साथ न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की शुरुआत हुई।

Stock Exchange of India in Hindi- भारत के स्टॉक एक्सचेंज BSE तथा NSE

के भारत में दो मुख्य stock exchange हैं, पहला Bombay Stock Exchange (BSE )तथा दूसरा National Stock Exchange of India (NSE). आज के आर्टिकल में आप Stock Exchange of India - भारत के स्टॉक एक्सचेंज BSE तथा NSE के बारे में विस्तार से जानेगे।

Stock Exchange


यदि आप stock marketमें काम करते है या इसके बारे में जानना चाहते है, तो यह article आपके काफी काम का है। वैसे भी शेयर बाजार में काम करने वाले लोगो को स्टॉक एक्सचेंज के भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज बारे में जानकारी होना ही चाहिए।
इंडिया में दो बड़े स्टॉक एक्सचेंज है। जिनके नाम National Stock Exchange of India (NSE ) तथा Bombay Stock Exchange of India (BSE ) हैं। भारतीय equities market की ज्यादातर share trading इन्ही दोनों एक्सचेंजों में होती है।
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Bombay Stock Exchange:

BSE , एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज है ,जिसकी स्थापना 1875 में हुई थी। यह दुनिया का सबसे तेज स्टॉक एक्सचेंज है ,जिसकी मीडियम ट्रेड स्पीड 6 माइक्रोसेकेंड है। यह दुनिया का ग्यारहवा सबसे बड़ा स्टॉक है। जिसका मार्केट केपेटलाइजेशन मार्च 2017 में करीब US $ 1.83ट्रिलीयन था। BSE पर 5000 से ज्यादा कंपनिया लिस्ट हैं।
National Stock Exchange:

NSE की स्थापना 1992 में हुई थी ये इंडिया का पहला demutualized electronic exchange है। यह देश का पहला fully automatic स्क्रीन बेस्ड इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम है। जिसने इन्वेस्टर को अपने देश में आसान ट्रेडिंग सुविधा उपलब्ध करवायी है। NSE का मार्केट केपेटलाइजेशनकरीब US $ 1.41 ट्रिलियन से ज्यादा है ,जो इसे दुनिया का बारहवाँ सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज बनता है।

Market Indexes in India:

भारत में Sensex तथा Nifty दोनों stock market के प्रतिष्ठित इंडेक्स है। Sensex को S &P BSE Sensex, S&P Bombay stock Exchange, BSE 30 के नामो से जाना जाता है। सेंसेक्स 30 में तीस फाइनेंशियली मजबूत कंपनियां लिस्ट है। इसे जनवरी 1.1986 को भारतीय शेयर बाजार की पल्स के लिहाज से बनाया गया है। Sensex equities index के सबसे पुराने indexes में से एक है। यह BSE के कुल केपेटलाइजेशन में करीब 45 % को रिप्रजेंट करता है।
NSE का बेंचमार्क index Nifty है ,इसे S&P CNX Nifty तथा Nifty 50 भी कहते है। इसे अप्रैल 21.1996 को लॉंच किया गया। इसे India Index Services and भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज Products ( IISL ) मैनेज करती है ,जोकि NSE Strategic Invesment Corporation Limited की सब्सिडियरी कम्पनी है।

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सभी महत्वपूर्ण फर्म दोनों एक्सचेंजों में लिस्ट है। Spot trading का करीब 70 % NSE पर ट्रेड होता है तथा derivative trading का करीब 98 % NSE पर ट्रेड होता है। दोनों ही stock exchange ऑर्डर फ्लो को innovation और कुशलता से पूरा करते है। Arbitrageurs की वजह से स्टॉक एक्सचेंज stock prices को टाइट रेंज में रख पाने में सफल होते है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का उद्देश्य

एनएसई (NSE) के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित है।

  1. सभी निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश करने तथा शेयर खरीदने और बेचने की सुविधा प्रदान करना |
  2. सभी निवेशक सामान रूप से प्रतिभूति को खरीद और बेच सके।
  3. शेयर बाजार को निष्पक्ष, पारदर्शी और दक्ष बनाना।
  4. ख़रीदे और बेचे गए शेयर भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज को अल्प समय में हस्तानांतरित करना।
  5. प्रतिभूति बाजार को अंतरास्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप स्थापित करना।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कार्य

दोस्तों ,अब हम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड के कार्य प्रणाली के बारें में विस्तार से जानेंगे।

अगर कोई निवेशक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से शेयर बाज़ार में निवेश करना चाहता है तो सबसे पहले उसको मार्किट आर्डर के द्वारा आर्डर देना होता है , और कंप्यूटर ट्रेडिंग जो एक स्वचालित प्रक्रिया है भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से आपके आर्डर का मिलान किया जाता है। जब कोई निवेशक मार्किट आर्डर देता है तो उसे एक नंबर दिया जाता है जिसको यूनिट नंबर कहा है। कंप्यूटर ट्रेडिंग में खरीदने और बेचने व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाता है। खरीदने वाले व्यक्ति को बेचने वाले व्यक्ति को कोई जानकारी नहीं रहता है और बेचने वाले भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज व्यक्ति को खरीदने वाले व्यक्ति की कोई जानकारी नहीं रहता है।

जब आपका आर्डर को कोई मिलान नहीं मिलता है तो आर्डर के क्रम को मिलाने के लिए आर्डर सूची से जोड़ा जाता है, और यह प्राइस टाइम (Price time) के प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित किया जाता है। सर्वोत्तम मूल्य के आर्डर को पहले प्राथमिकता दिया जाता है और एकसमान मूल्य वाले आर्डर को पहले आर्डर के आधार पर प्राथमिकता दिया भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज जाता है।

कैसे करें स्टाॅक्स में निवेश?

आम भाषा में समझें, तो शेयर मतलब हिस्सा और बाज़ार वो जगह जहां ग्राहक खरीददारी करता है. अब भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज शेयर बाज़ार में निवेश को ऐसे समझें, कि कोई निवेशक NSE में सूचीबद्ध कंपनी के शेयर खरीदता है, जो कंपनी ने जारी किए हैं, तो उस निवेशक का कंपनी के खरीदे हुए शेयर के भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज आधार पर उतना मालिकाना हक हुआ. शेयर की खरीद और बिक्री निवेशक की बुद्धि पर निर्भर करती है. हालांकि कई बार निवेशक ब्रोकर की भी मदद लेते हैं. शेयर बाज़ार में मौज़ूद स्टाॅक्स में निवेश के लिए, निवेशकों को सबसे पहले एक डीमैट खाता खुलवाना होता है. जो आपके बैंक खाते से लिंक होकर, चाहे ब्रोकर के माध्यम से या खुद स्टाॅक्स की खरीद और बिक्री के माध्यम से मदद करेगा. वहीं वित्तीय समझ की बात करें, तो आज भी Stock Exchange से प्रभावित निवेशकों की सुबह, बाज़ार के उतार-चढा़व देखकर ही होती है.भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज

ऐसा देखा गया है, कि कई बार शेयर बाज़ार में मौज़ूद कंपनियों के स्टाॅक्स या शेयर में ज़बरदस्त उछाल या गिरावट दिखती है. तो आपको बता दें, कि इस अचानक से आए हुए बदलाव की वजह कंपनी, अर्थव्यवस्था या वैश्विक स्तर की हलचल होती है. जैसे किसी भारत के प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज कंपनी को अचानक मिला या छिना कोई आर्डर, कंपनी का मूल्यांकन, बाज़ार से जुड़ी शर्तों की अवहेलना, आदि. वहीं शेयर बाज़ार के पास, कंपनियों के दुर्व्यवहार करने पर गैर सूचीबद्ध करने का भी अधिकार होता है.

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