NIFTY Meaning In Hindi

दिलचस्प रहा है Sensex का 1000 से 60000 तक पहुंचने का सफर, उतार-चढ़ाव के बावजूद आसमान छूने की उड़ान जारी

Share Market: दिलचस्प बात ये है कि सेंसेक्स ने पिछले 2 सालों में ही रिकॉर्ड तेजी के साथ बढ़त हासिल की है. सेंसेक्स को 1000 अंक से 60000 के स्तर तक पहुंचने में 31 साल से थोड़ा ज्यादा वक्त लग गया.

By: हिमांशु कोठारी | Updated at : 24 Sep 2021 07:55 PM (IST)

Share Market: कोरोना काल में अगर किसी ने आसमान छूआ है तो वो भारतीय शेयर बाजार है. कोरोना काल में भी शेयर मार्केट की रफ्तार धीमी नहीं हुई है और हर दिन नए रिकॉर्ड भारतीय शेयर मार्केट बनाता हुआ दिखाई दे रहा है. अब बंबई शेयर बाजार के प्रमुख शेयर सूचकांक बीएसई सेंसेक्स ने 60,000 के एक ऐतिहासिक स्तर को छूआ है, जिसके बाद से ही शेयर बाजार में दिलचस्पी लेने वालों में खुशी की लहर है. वहीं शेयर बाजार के जानकार भी इस रिकॉर्ड स्तर के बाद काफी उत्साहित हैं. दूसरी तरफ सेंसेक्स के 1000 के स्तर से लेकर 60000 के स्तर तक पहुंचने की यात्रा भी काफी लंबी और शानदार रही है.

बंबई शेयर बाजार के प्रमुख शेयर सूचकांक बीएसई सेंसेक्स ने 25 जुलाई 1990 को पहली बार 1000 अंक का स्तर छुआ था. इसके बाद 24 सितंबर 2021 शुक्रवार को सेंसेक्स ने इतिहास में पहली बार 60000 के रिकॉर्ड स्तर को छुआ, जो एक ऐतिहासिक और यादगार यात्रा है. इस सफर को पूरा करने में सेंसेक्स को 31 सालों का समय लगा है. इतने सालों में सेंसेक्स ने काफी उतार चढ़ाव भी देखा है लेकिन आखिर में सेंसेक्स ने हमेशा ऊंचाई की तरफ ही कदम बढ़ाए हैं और आसमान छूने का सफर अभी भी जारी है.

हालांकि दिलचस्प बात ये है कि सेंसेक्स ने पिछले 2 सालों में ही रिकॉर्ड तेजी के साथ काफी ज्यादा बढ़त हासिल की है. सेंसेक्स को 1000 अंक से 60000 के स्तर तक पहुंचने में 31 साल से थोड़ा ज्यादा वक्त तो लग गया, लेकिन इसमें खास और अनोखी बात ये है कि सेंसेक्स ने 2021 में ही नौ माह की टाइम फ्रेम में ही 50000 अंक और 60000 अंक दोनों ही बड़े स्तर को पार किया है. वहीं ये दोनों स्तर सेंसेक्स ने ऐसे वक्त में छूए हैं, जब पूरी दुनिया में कोरोना का असर देखा जा रहा है और कई देश आर्थिक समस्याओं से भी परेशानी झेल रहे हैं. हालांकि इसके बावजूद सेंसेक्स की रफ्तार धीमी होने की बजाय और तेजी के साथ बढ़ी है.

उतार-चढ़ाव रहा जारी

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सेंसेक्स के इस 31 सालों के सफर में कई घोटाले भी सामने आए और देश-दुनिया में आर्थिक मंदी से भी असर देखने को मिला. इसके अलावा देश में आतंकी घटनाओं के कारण भी उथल-पुथल मची. 60000 के स्तर तक पहुंचने में शेयर बाजार ने 1992 में हर्षद मेहता घोटाले का झटका भी झेला. उस वक्त बाजार अपनी पैठ धीरे-धीरे बना ही रहा था कि हर्षद मेहता घोटाले के कारण बाजार को काफी नुकसान हुआ लेकिन फिर भी समय के साथ बाजार संभल गया. इसके बाद 1993 में मुंबई और बीएसई की इमारत में विस्फोट की घटना भी जहन में ताजा है. उस दौरान भी इनका असर शेयर बाजार पर देखने को मिला था. शेयर बाजार को 31 सालों के दौरान युद्ध की स्थिति का भी सामना करना पड़ा था. 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भी बाजार में उथल-पुथल मची रही.

अमेरिका में आतंकी हमले का भी पूरे विश्व के बाजारों पर असर देखने को मिला था. भारतीय शेयर मार्केट भी इससे अछूता नहीं रहा और यहां भी मार्केट काफी वक्त तक दबाव में रहा. इसके अलावा 2001 में भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमले ने भी शेयर बाजार को हिलाकर रख दिया था. वहीं अचानक से सामने आए सत्यम घोटाले के कारण भी बाजार बुरी तरह से डगमगा गया था. 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी की चपेट में भी शेयर बाजार काफी महीनों तक हिचकोले खाता रहा और संभलने में उसे काफी वक्त लगा लेकिन हर बार की तरह इस बार भी बाजार धीरे-धीरे संभल गया. वहीं नोटबंदी और पीएनबी घोटाले की आंच भी शेयर बाजार पर काफी गहरी देखने को मिली और 2020 के मार्च महीने में कोविड महामारी के कारण बाजार में मानों हाहाकार ही मच गया लेकिन मार्च 2020 से शेयर बाजार ने जो रफ्तार पकड़ी, उसके बाद बाजार ने पहले 50 हजार और अब 60 हजार का स्तर पार कर लिया है.

ये रहे रिकॉर्ड स्तर

30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स के रिकॉर्ड स्तर पर नजर दौड़ाई जाए तो सेंसेक्स ने पहली बार 6 फरवरी 2006 को 10,000 अंक का स्तर छूआ था. इसके बाद 29 अक्टूबर 2007 को 20,000 का आंकड़ा सेंसेक्स ने छूआ. हालांकि मंदी के कारण सेंसेक्स को 30 हजार के स्तर तक पहुंचने में सात साल का वक्त लग गया और मार्च 2015 में सेंसेक्स 30000 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं 40 हजार के स्तर पर पहुंचने के लिए सेंसेक्स को 4 साल का वक्त लगा. 23 मई 2019 को सेंसेक्स 40,000 अंक पर पहुंचा. इसके बाद दो साल से भी कम समय में सेंसेक्स ने लंबी उड़ान के साथ 21 जनवरी 2021 को 50,000 का आंकड़ा पार कर लिया और 8 महीने में ही अगले 10 हजार अंकों के साथ 60 हजार का स्तर छू लिया. वहीं इस बीच खास बात एक ये भी रही कि सेंसेक्स ने 2021 में ही 50 हजार और 60 हजार का स्तर पार किया है.

वहीं पिछले कुछ सालों में शेयर बाजार ने कई अनिश्चितताओं का सामना किया है. इसके बावजूद कोरोना काल में बाजार की ऐसी रफ्तार अपने आप में काबिले तारीफ है. इस साल अब तक सेंसेक्स 25 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है और ये तेजी लगातार बनी हुई देखने को मिल रही है. पिछले महीने इसमें नौ फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है. हालांकि इस तेजी से पहले मार्च 2020 में सेंसेक्स में करीब 15.7 फीसदी की भारी भरकम गिरावट भी देखी थी. फिलहाल शेयर बाजार में धारणा मजबूत है और बाजार अभी और तेजी की उम्मीद लगाए हुए हैं.

Published at : 24 Sep 2021 07:35 PM (IST) Tags: Share Market Stock Market sensex nifty sensex 60000 हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

शेयर बाजारों में भारत के प्रमुख शेयर बाजार आई तेजी, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स, निफ्टी चढ़े

घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त रही. इस दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक 127.48 अंक की तेजी के साथ 61,465.29 अंक पर पहुंच गया.

मुंबई: घरेलू शेयर बाजारों में बीते दो सत्रों से जारी गिरावट का दौर थम गया और सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त रही. इस दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक 127.48 अंक की तेजी के साथ 61,465.29 अंक पर पहुंच गया. व्यापक एनएसई निफ्टी 37.85 अंक बढ़कर 18,306.85 अंक पर था.

सेंसेक्स में पॉवर ग्रिड, विप्रो, आईटीसी, भारती एयरटेल, नेस्ले, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा एचडीएफसी बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे. दूसरी ओर टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक, लार्सन एंड टूब्रो के शेयरों में गिरावट हुई. अन्य एशियाई बाजारों में सियोल, तोक्यो, शंघाई और हांगकांग के बाजारों में गिरावट रही। अमेरिकी बाजार भी शुक्रवार को नुकसान के साथ बंद हुए थे.

पिछले कारोबारी सत्र में, शुक्रवार को तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 461.22 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61,337.81 अंक पर बंद हुआ था. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 145.90 अंक यानी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,269 अंक पर बंद हुआ था. अंतरराष्ट्रीय तेल सूचकांक ब्रेंट क्रूड 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79.91 डॉलर प्रति बैरल के भारत के प्रमुख शेयर बाजार भाव पर था. शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 1,975.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

सिक्का बाजार

सिक्का बाजार भारतीय शेयर मार्केट (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्टेड सभी कंपनीयों से जुडी जानकारीयों को एकत्र करती है। यह लगभग ४ हज़ार कंपनियों का डाटा उपलब्ध करवाती है ,यहाँ पर आपको कंपनी का वर्तमान भाव से लेकर कंपनी रिसर्च करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सहित कंपनी के तिमाही परिणाम, लाभ हानि रिपोर्ट, नकदी प्रवाह तथा वित्तीय स्थिति का विवरण हिंदी भाषा में मिलेगा।

शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 468 अंक चढ़ा; इस कंपनी का शेयर 14% उछला

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बैंकिंग, तेल और FMCG शेयरों में सोमवार को जोरदार लिवाली रही. इस लिवाली के दम पर घरेलू शेयर बाजारों (Stock Markets) के दोनों मानक सूचकाकों में दो दिन के अंतराल के बाद तेजी का दौर लौट आया. सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी (NSE Nifty) दोनों में करीब एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 468.38 अंक चढ़कर 61,806.19 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 507.11 अंक तक उछल गया था. पूरे दिन में सेंसेक्स ने 61,844.92 का उच्च स्तर और 61,265.31 का निम्न स्तर छुआ.

सेंसेक्स पर लिस्टेड 30 कंपनियों में से 6 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए हैं. सेंसेक्स में शामिल शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावरग्रिड, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी, आईटीसी, टाइटन, नेस्ले, बजाज फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज बढ़त दर्ज करने में सफल रहे. सबसे ज्यादा 3.12 प्रतिशत महिन्द्रा एंड महिन्द्रा चढ़ा है. वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, टाटा मोटर्स और इंडसइंड बैंक के शेयरों को नुकसान उठाना पड़ा. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का शेयर सबसे ज्यादा 1.13 प्रतिशत गिरा है.

Nifty50 का हाल

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी 151.45 अंकों की बढ़त रही और यह 18,420.45 पर बंद हुआ. निफ्टी पर अडानी पोर्ट्स, अडानी एंटरप्राइजेस, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, आयशर मोटर्स, पावरग्रिड टॉप गेनर्स रहे. दूसरी ओर टीसीएस, ओएनजीसी, टाटा मोटर्स, इन्फोसिस, सन फार्मा टॉप लूजर्स रहे. निफ्टी पर आईटी, पीएसयू बैंक को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं. सबसे ज्यादा 1.46 प्रतिशत निफ्टी एफएमसीजी चढ़ा है.

डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड 14% चढ़ा

बीएसई पर डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड का शेयर 14.34 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ है. वहीं एनएसई पर यह 13.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ है. शेयर की कीमत अब 418-420 रुपये के दायरे में है. बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 3,397.83 करोड़ रुपये हो गया है. खबर है कि सरकार जनवरी में घरेलू उत्पादन का आकलन करने के बाद चालू मार्केटिंग वर्ष 2022-23 के लिए चीनी निर्यात कोटा बढ़ाने पर विचार कर सकती है. इस खबर के सामने आने के बाद शुगर कंपनियों के शेयरों में उछाल आया. सरकार ने नवंबर में मार्केटिंग वर्ष 2022-23 (अक्टूबर-सितंबर) भारत के प्रमुख शेयर बाजार के लिए 60 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी.

वैश्विक बाजारों में क्या रहा ट्रेंड

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्केई, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग के हैंगसेंग में गिरावट रही. यूरोप के शेयर बाजारों में दोपहर के सत्र में बढ़त देखी जा रही थी. अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नुकसान में रहे थे. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.15 प्रतिशत बढ़कर 79.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गत शुक्रवार को भारतीय बाजारों से निकासी की थी. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, एफआईआई ने 1,975.44 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे थे.

रुपया 6 पैसा चढ़ा

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को छह पैसे की तेजी के साथ 82.69 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ. स्थानीय शेयर बाजार में जोरदार लिवाली और विदेशों में प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर होने से रुपये की धारणा भारत के प्रमुख शेयर बाजार मजबूत हुई. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 82.80 के स्तर पर कमजोर खुला और कारोबार के अंत में यह छह पैसे की तेजी के साथ 82.69 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान रुपये ने 82.57 के उच्चस्तर और 82.80 के निचले स्तर को छुआ.

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NIFTY Meaning In Hindi निफ्टी क्या है

NIFTY Meaning In Hindi निफ्टी क्या है और इसे कैसे गिनते हैं इस बारे में हिंदी में लेख. निफ्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध 50 प्रमुख शेयरों का सूचकांक है. निफ्टी की जानकारी, इसे गिनने का तरीका क्या है, यह बढ़ता घटता कैसे हे, कौन से शेयर इसमें शामिल हैं और इसका आधार वर्ष क्या है आसान हिंदी में। साथ ही जानिये मुक्त फ्लोट बाजार भारित यानि Free Float Market Weighted Stock Market Index क्या होता है।

NIFTY Meaning In Hindi

NIFTY Meaning In Hindi

NIFTY Meaning In Hindi

NIFTY दो शब्दों को मिला कर बना है NATIONAL और FIFTY. इससे यह प्रतीत होता है कि NIFTY शब्द नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सर्वोच्च पचास शेयरों पर आधारित है. भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के इंडेक्स को NIFTY कहते हैं। NIFTY निफ्टी की चाल से आपको बाजार की चाल का हाल मालूम हो जाता है. यदि निफ्टी में तेजी है तो आप मान सकते हैं कि बाजार में भी तेजी है. यदि निफ्टी में गिरावट है तो आप मान सकते हैं कि बाजार में भी गिरावट है. हालाँकि निफ्टी केवल पचास शेयरों की कीमत के आधार पर ही गिना जाता है फिर भी NIFTY की दिशा बाजार की दिशा का भी संकेत देती है.

NIFTY Meaning In Hindi – NSE का सूचकांक

BSE तथा NSE भारत के प्रमुख शेयर बाजार हैं जहां शेयरों की ट्रेडिंग होती भारत के प्रमुख शेयर बाजार है. सेंसेक्स तथा निफ्टी इनके प्रमुख सूचकांक हैं. हमने अपनी पिछली पोस्ट सेंसेक्स क्या है में आपको बताया था की सेंसेक्स क्या है और इसे कैसे गिनाते हैं. सेंसेक्स क्योंकि 30 शेयरों पर आधारित है और NIFTY 50 शेयरों पर आधारित है तो हम कह सकते हैं की निफ्टी बाजार की चाल का व्यापक तरीके से प्रतिनिधित्व करता है. यह पचास शेयर 22 अलग अलग उद्योगों से लिए गए हैं. यहां पढ़ें निफ्टी में शामिल शेयर कौन कौन से हैं।

NIFTY Meaning In Hindi – Free Float Market Weighted

सेंसेक्स की ही तरह निफ्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मुक्त फ्लोट बाजार भारित शेयर बाजार सूचकांक (free-float market-weighted stock market index) है. किसी भारत के प्रमुख शेयर बाजार भी कंपनी के बाजार पूंजीकरण Market Capitalization का वह हिस्सा जो बिकने के लिए बाजार में उपलब्ध हो सकता है वह फ्री फ्लोट बाजार पूँजी होगी और उसी के आधार पर निफ्टी की भी गणना की जाती है. पचास शेयरों के इसी इंडेक्स को NIFTY कहते हैं. यहां पढ़ें सेंसेक्स और निफ्टी में अंतर क्या हैं।

Base Year आधार वर्ष

मुक्त फ्लोट बाजार भारित शेयर बाजार सूचकांक (free-float market-weighted stock market index) में इंडेक्स की कैसे गणना की जाती है गणना का पूरा तरीका आप सेंसेक्स क्या है पर देख सकते हैं. निफ्टी का आधार वर्ष 1995 है और आधार अंक 1000 है. इस सूचकांक की गणना 3 नवम्बर 1995 से की जाती है और इस दिन सूचकांक का आधार 1000 माना गया है.

आज यदि निफ्टी का मूल्य 11000 के करीब है, तो इसका मतलब यह है कि निफ्टी के शेयरों की कीमत 1995 के मुकाबले अब तक 1100% तक बढ़ चुकी है.

NIFTY का महत्व

NIFTY भारत की अर्थव्यवास्था का प्रतीक है और इसका बढ़ना और घटना हमारे उद्योगों की प्रगति और देश के अरे्काथिक विकास का सूचक है। पूरी दुनिया के निवेशक NIFTY पर अपनी नजर रखते हैं और यह भारत में देसी विदेशी निवेशकों के विश्वास का प्रतीक है।

आंकड़ों को समझने में सहायक

किसी भी बाजार के आँकड़ों को समझने में वहाँ का सूचकांक बहुत सहायक होता है। NSE के डाटा के समझने के लिये NIFTY बहुत महत्वपूर्ण टूल है। किन्हीं भी दो या अधिक कालखंडों में बाजार की चाल की तुलना करने के यह इंडेक्स बहुत सहायक होते हैं। चार्ट और ग्राफ के जरिये इन्हें समझना और भी आसान हो जाता है।

तकनीकि विश्लेषण में सहायक

बाजार में निवेश भविष्य की उम्मीदों पर टिका होता है। कई तकनीकि विश्लेषक NIFTY की चाल से बाजार का भविष्य बताते हैं। यह विश्लेषण वैज्ञानिक होता है और बहुत से निवेशक और संस्थान करते हैं। इसके लिये कई तरह के सॉफ्टवेयर भी उपलब्ध हैं जिनकी जानकारी से बाजार की चाल की भविष्यवाणी की जाती है।

यह मेरी कोशिश थी NIFTY Meaning In Hindi निफ्टी क्या है में समझाने की. उम्मीद है कि आपको समझ आ गया होगा कि निफ्टी क्या है और इस का क्या महत्व है.

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