पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो – पीटीआई)

Combine Meaning in Hindi with All Uses - कंबाइन का हिंदी मतलव

आज के इस पोस्ट के अंतर्गत हम बात करेंगे डिक्शनरी के वर्ड कंबाइन का हिंदी मतलव के बारे में पूर्ण विस्तार के साथ जिसमे हम इन वर्ड्स के यूज़ और इफ़ेक्ट को अच्छे से बतलाये है जो आगे काफी मददगार सावित होंगे. Combine Means in Hindi with Details को विस्तार से जानने के लिए यह आर्टिकल अंत तक एक बार जरुर से रीड करे, तो फ्रेंड्स टाइम ना गवाकर आगे पढ़ते है.

Combine Meaning in Hindi with All Uses :

  • व्यापार-संघ
  • सम्मिश्रण
  • कंबाइन
  • इकट्ठा व्यापारियों के लिए स्पष्टीकरण हो जाना
  • जोड़ देना
  • फ़सल काटने की मशीन
  • मेल होना
  • जत्था

शायद दोस्तों आपके जरिये ऊपर बताये गए कंबाइन शब्द के हिंदी अर्थो को संक्षेप में पढ़कर जरुरी स्थानों पर उपयोग भी अवश्य कर लिया गया होगा. इन शोर्ट मतलवो के रिलेशन और उनके पीछे की सभी बातो को आपके द्वारा अच्छी तरह रीड कर लिया गया होगा, कहने का तात्पर्य उन्हें अच्छी तरह समझा गया या नही ? आप में से काफी सारे लोगो का जबाब नही में होगा.

ऐसा इसीलिए क्योकि यहाँ मौजूद प्रत्येक इन्सान का सोचने का तरीका पूरी तरह भिन्न होने के चलते सभी इन वर्डो के रिलेशन को सही से पूरी सम्पूर्णता के साथ नही जानकर कंफ्यूजन में पड़ते नजर आते है. इन्ही सब बातो को लेकर हमारे द्वारा इतना बड़ा पूर्ण जानकारी से लिखा आर्टिकल शेयर किया जो आपके कंफ्यूजन को दूर करने में काफी मददगार सावित होगा. तो चलिए फटाफट आगे चलते हए स्टार्ट करते है.

Mean of Combine in Hindi and all Examples :

- जोड़ना, दोस्तों आप सभी इस बात से तो बेहतर रूप से बाखिफ होंगे ही कि हमारे समाज में रहने वाले प्रत्येक इन्सान किसी ना किसी चीज, कार्य और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक-दूसरे पर आश्रित होते है इसे ही हम आपस में जुड़ाव से जान सकते है. मानव जीवन कुछ इस प्रकार से है कि उसे जिंदगी जीने के लिए कई सारी बातो के चलते दूसरो पर निर्भर या जुड़ने के लिए प्रेरित करता है.

- व्यापर संघ, आखिर सभी व्यापार के अर्थ को तो अच्छी तरह जानते ही होंगे क्योकि आज हमारे पास जो भी जरूरत की चीजे आ रही वह सभी व्यापार के द्वारा ही संभव हो पाती है. अब यदि व्यापार संघ की बार करे तो एक ऐसा समूह जिसमे बहुत से व्यापारी लोग आपस में जुड़े होते है और कई सारे मुद्दों पर चर्चा करने के साथ फैसले लेते है.

- मेल होना, आपस में दो या अधिक चीजो या लोगो के जुड़ने की स्थिति को इसके द्वरा दर्शा सकते है. आपके रोजमर्रा की जिंदगी में काम के चलते कई सारे पर्सन से आपकी मुलाकात होती होगी. इनमे से कुछ के साथ आपके संबंध अच्छे बैठते होंगे. बस इसी को "मेल होना" के रूप में समझ सकते है. इसमें आपस में बिचारो और उद्देश्य का मिलना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है इसके अलावा व्यापार और परिवार के सदस्यों क बीच भी इसकी उपस्थिति को देख सकते है.

- जोड़ना, आप अपनी लाइफ में काफी सारी वस्तुओ को जोड़ते ही होंगे यहाँ आपका उद्देश्य अच्छे परिणाम प्राप्त करता होता है लेकिन यह हमेशा पॉसिबल नही होता कहने का तात्पर्य रिजल्ट दोनों स्थिति पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों में देखे जा सकते है जिनका इफ़ेक्ट इनके अनुसार ही सोसाइटी और देश में मौजूद लोगो पर दिखाई पड़ता है.

- व्यापार संघ, वास्तव में इसका निर्माण बिज़नस करने वाले लोगो के लिए बनाया जाता है जहाँ सभी अपने बिचारो को भिन्न मुद्दों पर रखकर अपने एक्सपीरियंस को शेयर करते है जिसका फायदा आपस में सभी को होता है लेकिन यहाँ सकारात्मकता के साथ कुछ नकारात्मक पहलुओ को भी देखा जा सकता है.

मुझे उम्मीद है कि आपको यह Means of Combine in Hindi with all Tips आर्टिकल से काफी कुछ पता चला होगा. अपने अनुभव हमारे साथ शेयर करे और सोशल मीडिया पर जुड़कर नए अपडेट लगातार पाते रहे. सर्च बॉक्स का यूज़ करे.

Subramanian Swamy On China: 1962 में नेहरू पर तरह-तरह से क‍िया गया था वार, क्‍या मोदी के ल‍िए भी व्यापारियों के लिए स्पष्टीकरण हो वही भाषा इस्‍तेमाल? तवांग में झड़प के बाद बीजेपी नेता का हमला

उनका सवाल था कि अब मोदी उन विशेषणों से महरूम क्यों हैं। क्या उनके साथ वैसा ही सलूक नहीं किया जाना चाहिए।

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पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो – पीटीआई)

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीन के साथ भारतीय सैनिकों की मुठभेड़ पर बीजेपी के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी में पीएम नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ लिया है। 1962 का जिक्र कर स्वामी ने कहा कि तत्कालीन पीएम जवाहर लाल नेहरू को भद्दी भद्दी गालियां दी गई थीं, क्योंकि भारत चीन से लड़ाई में हार गया था। उनका सवाल था कि अब मोदी उन विशेषणों से महरूम क्यों हैं। क्या उनके साथ वैसा ही सलूक नहीं किया जाना चाहिए।

स्वामी ने कहा कि तवांग में चीन से भारतीय सेना की झड़प के बाद मोदी कैबिनेट के मंत्री संसद में स्पष्टीकरण दे रहे हैं। लेकिन उन्हें ऐसा क्यों करना चाहिए। उनका कहना था कि गुजरात का सीएम रहते और अब पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी की चीन से नजदीकी किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में भारतीय सेना के साथ PLA की मुठभेड़ अगर LAC पर हो रही है तो सरकार के मंत्री क्यों जवाबदेह बनाए जा रहे हैं।

अपने एक और ट्वीट में बीजेपी केस पूर्व सांसद ने कहा कि मोदी जिनपिंग के बीच 18 मीटिंग हो चुकी हैं। वन टू वन की मीटिंग के बाद चीनी राष्ट्रपति मोदी की कमजोरियों को भांप चुके हैं। हमारे प्रधानमंत्री को फोटो खिंचाने का शौक है और कपड़ों के प्रति उनका लगाव किसी से छिपा नहीं है। जटिल वैश्विक मसलों पर वो ज्यादा कुछ नहीं करते। यही वजह है कि जिनपिंग ने Global Power Triangle से उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया।

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इससे पहले स्वामी ने अपने एक ट्वीट में कहा था कि मोदी ने कोई आया नहीं… कहकर Galwan Depsang and Pangong lake चीन को गिफ्ट में दे दिया। उनका कहना था कि सरकार का ये ही रवैया रहा तो Chusul military airfield भी हम जल्द चीन को सौंपने जा रहे हैं। बीजेपी के पूर्व सांसद का कहना था कि इंडोनेशिया के बाली में मोदी चीन के राष्ट्रपति से हाथ मिलाने के लिए आतुर दिखे। चीनी जानते हैं कि हमारे साथ किस तरह का सलूक करना चाहिए। उन्होंने पीएम पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी है तो मुमकिन है।

ध्यान रहे कि अरुणाचल के तवांग में भारतीय सेना की चीनी सेना के साथ मुठभेड़ हुई। 9 दिसंबर को हुई मुठभेड़ की ये खबर सामने आने के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। सरकार के मंत्री संसद में बता रहे हैं कि किस तरह से उन्होंने चीन को पीछे खदेड़ दिया। लेकिन विपक्ष का सवाल है कि ऐसी नौबत आई क्यों। अगर चीन को लेकर सरकार सशंकित है तो हमारी तैयारियां क्या थीं?

रक्षा मंत्री के बयान पर स्पष्टीकरण की नही मिली अनुमति, कांग्रेस ने राज्यसभा से किया वॉकआउट

नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर स्पष्टीकरण की अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस सदस्यों ने मंगलवार को राज्यसभा से वाकआउट किया। कांग्रेस के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, शिवसेना, राष्ट्रीय जनता दल, झामुमो आदि के सदस्यों ने भी सदन से वाकआउट किया।

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है और रक्षा मंत्री ने अपने बयान में बताया कि सरकार इस विषय को पूरी गंभीरता से ले रही है और आवश्यक कदम उठा रही है। रक्षा मंत्री के बयान पर विपक्ष के कई सदस्यों द्वारा स्पष्टीकरण की मांग के संबंध में उपसभापति ने कहा कि अतीत के कई उदाहरण व्यापारियों के लिए स्पष्टीकरण हैं जब संवेदनशील विषय को देखते हुए स्पष्टीकरण नहीं पूछे गए थे।

हालांकि विपक्षी सदस्य उनकी बात से सहमत नहीं हुए और इस पर स्पष्टीकरण पूछे जाने की मांग करते रहे। इसके बाद कई विपक्षी सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वॉकआउट के बाद संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष ने बार-बार चीनी अतिक्रमण पर चर्चा की मांग की लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया।

उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री बिना कोई स्पष्टीकरण दिए सदन से चले गए जो देश के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार कोई स्पष्टीकरण नहीं देती है तो सदन के अंदर बैठने का कोई मतलब नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल नेता मनोज झा ने कहा कि उपसभापति ने विभिन्न उदाहरणों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि 1962 के संसद सत्र को कोई कैसे भूल सकता है जब सदन में भारत-चीन टकराव पर चर्चा हुई थी। शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सदस्यों को उनके संसदीय विशेषाधिकार से वंचित किया जा रहा है।

पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण खबर, बकाया भुगतान पर ताजा अपडेट, सरकार ने मांगा 3 महीने का समय

pensioners pension

One Rank One Pension : देश के लाखों पेंशनभोगियों के लिए ताजा अपडेट है। केन्द्र सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का बकाया भुगतान करने के लिए एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से 3 महीने का समय मांगा है। केंद्र ने सशस्त्र बलों के सभी पात्र पेंशनभोगियों को ‘वन रैंक-वन पेंशन’ (OROP) योजना के बकाए भुगतान के लिए 15 मार्च 2023 तक समय बढ़ाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च को केंद्र के ओआरओपी सिद्धांत को बरकरार रखते हुए कहा था कि सरकार को तीन महीने के भीतर बकाया का भुगतान करने का आदेश दिया था।इस पर केन्द्र सरकार ने जून में समय बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था, लेकिन अब एक बार फिर नए साल से पहले सरकार ने बकाए की गणना और भुगतान के लिए तीन महीने का समय मांगा है।

केंद्र ने अपने नए आवेदन में कहा 16 मार्च 2022 के फैसले के तुरंत बाद रक्षा मंत्रालय के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW) ने रक्षा लेखा महानियंत्रक कार्यालय से मार्च 2022 में पेंशन के अगले संशोधन के लिए टेबल तैयार करने का अनुरोध किया था। CGDA कार्यालय ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा और मुद्दों को जल्दी से हल करने के लिए, विभाग ने संबंधित हितधारकों के साथ एक बैठक बुलाई और अप्रैल 2022 में आवश्यक स्पष्टीकरण जारी किए।इसके लिए एक अंतिम कैबिनेट नोट तैयार किया गया था, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद, CGDA को विभिन्न प्रकार की पेंशन टेबल तैयार करने के लिए करीब 3 महीने के समय की आवश्यकता है।

सिगरेट को हिंदी में क्या कहा जाता है, किस चीज की नहीं होती परछाई?

सिगरेट को हिंदी में क्या कहा जाता है? पानी के ऊपर बने भारत के सबसे लंबे पुल का क्या नाम है? General Knowledge से जुड़े ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो अक्सर एग्जाम में पूछे लिए जाते हैं. आइए इन सवालों के जवाब को जानते हैं.

सिगरेट को हिंदी में क्या कहा जाता है, किस चीज की नहीं होती परछाई?

देशभर में सरकारी नौकरी के लिए अलग-अलग क्राइटेरिया होते हैं. कहीं पर उम्मीदवार की फिजिकली फिट होना होता है, जबकि कई जगह उम्मीदवार की रीजनिंग चेक की जाती है. हालांकि, आप भले ही किसी भी Sarkari Naukri के लिए एग्जाम दे दें, लेकिन एक चीज आपको हर जगह कॉमन नजर आएगी. दरअसल, हम बात कर रहे हैं जनरल नॉलेज की. General Knowledge एकमात्र ऐसा विषय है, जिससे जुड़े सवाल आपको हर एग्जाम में पूछे जा सकते हैं. भले ही आप कितनी भी तैयारी करके जाएं, लेकिन जीके व्यापारियों के लिए स्पष्टीकरण के कुछ सवाल ऐसे होते हैं, जो हमें मालूम नहीं होते हैं.

उदाहरण के लिए क्या आपको मालूम है कि सिगरेट को हिंदी में क्या कहा जाता है? या फिर आप जानते हैं कि वो कौन सा जीव है, जिसका दिल उसके व्यापारियों के लिए स्पष्टीकरण सिर पर मौजूद होता है? ऐसे कई सवाल हैं, जिसके जरिए उम्मीदवारों के ज्ञान को परखा जाता है. आइए आज ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब जानते हैं. ये सवाल ना सिर्फ दिलचस्प हैं, बल्कि इनके जवाब भी काफी मजेदार हैं.

सवाल 1: भारत में पानी के ऊपर बने सबसे लंबे पुल का क्या नाम है?

जवाब: ढोला-सदिया पुल, जिसे भूपेन हजारिका पुल के तौर पर भी जाना जाता है. ये भारत में पानी के ऊपर बना सबसे लंबा पुल है.

सवाल 2: खाने वाली वो कौन सी चीज है, जो सालों तक खराब नहीं होती है?

जवाब: शहद खाने वाली एक ऐसी चीज है, जो खराब नहीं होती है.

सवाल 3: भारत में नेशनल फ्लैग डे कब मनाया जाता है?

जवाब: भारत में 22 जुलाई को नेशनल फ्लैग डे मनाया जाता है.

सवाल 4: दुनिया में सबसे ज्यादा डाकघर वाला देश कौन सा है?

जवाब: भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा डाकघर है.

सवाल 5: भारतीय वायुसेना की पहली महिला पायलट का क्या नाम था?

जवाब: भारत की पहली महिला पायलट का नाम हरिता कौर था. उन्होंने 2 सितम्बर, 1994 को Avro HS-748 से पहली भर उड़ा भरी थी.

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