जब आप कोई शेयर सीधे कंपनी से खरीदते हैं जैसे की आईपीओ के जरिए.. यह प्राइमरी मार्केट है. यानी कंपनियां जो शेयर्स बाजार में इश्यू करती है. लेकिन जब सीधे कंपनी से खरीदे हुए शेयर्स को आप शेयरों को खरीदा और बेचा कैसे जाता है? अन्य खरीदारों में बेचने जाते हैं तो वो सेकेंड्री मार्केट है. यानी इश्यू शेयरों को खरीदा और बेचा कैसे जाता है? शेयरों को खरीदा और बेचा कैसे जाता है? किए हुए शेयर्स की जब खरीद बिक्री होती है.

Share Market: किसी ने कमाए करोड़ों- इसपर न जाएं, अपनी अक्ल लगाएं

शेयर खरीदने और बेचने में आ रही है समस्या, दूर करें अपनी सारी दुविधाएं

नई दिल्ली, बिजनेस। बाजार से लाखों की कमाई के बारे में आप ने भी अक्सर दोस्तों-रिश्तेदारों से सुना होगा। इसे आजमाने का खयाल आया होगा। लेकिन इसके खतरे भी तो जगह-जाहिर हैं, ऐसे में आपका दुविधा में पड़ना लाजमी है। हालांकि एक बार इरादा पक्का कर लिया हो तो इसमें कूदने से जानें शेयर कैसे खरीदें और बेचें और यह भी कि क्या हैं इस खेल की बारीकियां!

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Best Way To Invest In SIP Mutual Funds

भारत में शेयर के सौदे यानी खरीद-बिक्री नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर होती है। पूरी दुनिया में सिक्का जमा चुकी भारतीय कंपनियों के शेयर में आप भी घर बैठे पैसे लगा सकते हैं। अब शेयरों के सौदे डीमैट अकाउंट से होते हैं। और आपको यह जानकार खुशी होगी कि आज डीमैट अकाउंट भी घर बैठे खुल जाता है। वह भी नोमिनल चार्ज देकर! इसके लिए आपको चाहिए पैन कार्ड और बैंक खाता। मजे की बात यह है कि इसमें कागज पर फॉर्म भरने और फोटो शेयरों को खरीदा और बेचा कैसे जाता है? चिपकाने का झंझट भी नहीं है।

शेयर बाजार में निवेश करने के लिए क्या करना होता है? 8 बुनियादी सवालों के जवाब

किसी कंपनी को चलाने के लिए पूंजी यानी कैपिटल की जरूरत पड़ती है. अब कंपनी को चलाने के लिए मालिक बाजार से पैसा उठाना चाहता है तो वह कैपिटल को हिस्सों में बांट देता है यही हिस्से कहलाते हैं शेयर. जैसे किसी कंपनी की कैपिटल 100 रुपये है. अब कंपनी इसे 100 हिस्सों में बांट दें तो वे 100 हिस्से शेयर्स कहलाएंगे और एक शेयर एक रुपये का होगा. अब इसी कैपिटल को दो या 5 हिस्सों में भी बांटा जा सकता शेयरों को खरीदा और बेचा कैसे जाता है? है. यानी कंपनी की एक यूनिट एक शेयर के बराबर होती है.

अब आप किसी कंपनी का हिस्सा बनना चाहते हैं तो उसके शेयर खरीद सकते शेयरों को खरीदा और बेचा कैसे जाता है? हैं. इन्हीं शेयर्स की जब आप खरीदी बिक्री करने जिस बाजार में जाएंगे उसे कहते हैं शेयर बाजार.

शेयर खरीदने के लिए क्या करना होगा?

शेयर बाजार में पांव रखने से पहले आपको चाहिए डिमैट अकाउंट. जैसे बैंक में बचत, एफडी में निवेश के लिए बैंक अकाउंट चाहिए वैसे ही शेयर मार्केट में निवेश के लिए डिमैट अकाउंट होना जरूरी है. डीमैट के शेयरों को खरीदा और बेचा कैसे जाता है? जरिए ही शेयर्स को खरीदा-बेचा जाता है, होल्ड किया जाता है. यह एक तरह से शेयर्स का डिजिटल अकाउंट है.

डीमैट अकाउंट मतलब- डीमटेरियलाइज्ड यानी किसी भी फिजिकल चीज का डिजिटलाइज होना. डिमैट अकाउंट आप चंद सैकेंड में खोल सकते हैं. आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसी केवाईसी डॉक्यूमेंट लगती हैं. इसके लिए ब्रोकर की जरूरत होती है. अब ब्रोकर कोई व्यक्ति भी हो सकता है और कंपनी भी. ब्रोकर की वेबसाइट या एप पर जाकर डिमैट अकाउंट आसानी से खोला जा सकता है. अगर आप नेटबैंकिंग करते हैं तो आपके बैंक की वेबसाइट या एप पर भी डिमैट अकाउंट खोल सकते हैं. आमतौर पर इसकी लिए कोई फीस नहीं देनी होती लेकिन यह कंपनी पर निर्भर करता है कि वे डिमैट के लिए कितना वसूलना चाहते हैं.

किस कंपनी का शेयर खरीदें?

जवाब है किसी अच्छी कंपनी है, क्योंकि अच्छी कंपनी के शेयर्स अच्छा रिटर्न देते हैं. अच्छी कंपनी मतलब जिसका प्रॉफिट, प्रोडक्ट, भविष्य अच्छा हो. शेयर मार्केट की भाषा में इसे कंपनी के फंडामेंटल्स यानी बुनियादी बातें कहते हैं, कंपनी के फंडामेंटल्स अच्छे हैं तो कंपनी का भविष्य अच्छा माना जाता है. इसके लिए आपको कंपनी की सालाना बैलेंस शीट पर नजर रखनी होती है. यानी कंपनी कितना कमा रही है, कितना कर्ज है, कितना मुनाफा हो रहा है? कंपनी के शेयर्स ने पहले कैसा प्रदर्शन किया है. ये सब देखना होता है. कई बार खबरें भी कंपनी के शेयर्स को प्रभावित करती हैं. जैसे कि जब दुनिया के सबसे अमीर आदमी ईलॉन मस्क ने ट्विटर को खरीदने का ऐलान किया तो निवेशकों में ट्विटर के शेयर्स को खरीदने की होड़ लग गई. लेकिन निवेशक केवल कंपनी के फंडामेंटल्स पर ध्यान दें तो भी काम बन सकता है. सबसे पहले ऐसे शेयर में निवेश करें जो सुरक्षित हैं. यानी उन बड़ी कंपनियों के शेयर्स खरीदें जो दशकों पुरानी हैं, प्रॉफिट में रहती है और आगे भी रहेंगी. इससे आप नुकसान में नहीं रहेंगे. जब इसमें निवेश कर लें तो शेयर्स को स्टडी करना सीखें, कंपनी की बैलेंस शीट पढ़ना सीखें.

शेयर बाजार में पैसे कमाने के 7 गोल्‍डेन टिप्‍स, देखते-देखते बन जाएंगे मालामाल

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Stock Market: शेयर बेचने के अगले दिन बैंक अकाउंट में आएगी रकम, निवेशकों के लिए गुड न्यूज

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  • पहले शेयर बेचने के बाद अगले 2 कारोबारी दिन में आपके बैंक अकाउंट में पैसे आते थे।
  • BSE/NSE कम अवधि में निपटान वाले टी प्लस वन सेटलमेंट साइकिल को अपना सकते हैं।
  • टी प्लस वन सेटलमेंट सिस्टम से शेयर कारोबारियों और निवेशकों को काफी फायदा होने की उम्मीद है।

क्या होता है सेटलमेंट साइकिल?
अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं तो आपको सेटलमेंट साइकिल के शेयरों को खरीदा और बेचा कैसे जाता है? बारे में जरूर पता होगा। शेयर बाजार में पैसों के लेनदेन की व्यवस्था बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान से अलग होती है। बैंक या अन्य पेमेंट सिस्टम से पैसा ट्रांसफर या लेन देन होते ही आपके खाते में तुरंत पहुंच जाता है, लेकिन शेयर बाजार में ऐसा नहीं होता। इस समय शेयर बाजार टी प्लस टू सेटलमेंट साइकिल पर काम करता है।

T+2 सेटलमेंट

अगर आज आपने कोई शेयर खरीदा है तो शेयर आपके डीमैट अकाउंट में ट्रेडिंग डे के तीसरे दिन या ट्रेडिंग डे के दो दिन बाद पहुंचता है। इसी तरह अगर आपने कोई शेयर बेचा है तो उसका पैसा आपके बैंक खाते में ट्रेडिंग के 2 दिनों के बाद पहुंचता है। इसे सेटलमेंट साइकिल कहते हैं।

काम की खबर: नजारा का IPO तो खुला, लेकिन जानिए कैसे करें IPO में निवेश, डीमैट अकाउंट है जरूरी

हमारे देश में बचत के पैसे लगाने यानी निवेश करने के कई तरीके हैं। इन्ही में से एक है 'इनीशियल पब्लिक ऑफर' यानि IPO। निवेश का ये तरीका आज कल ट्रेंड में है। अगर आप भी IPO में निवेश करने का प्लान बना रहे हैं या करना चाहते हैं तो सबसे पहले ये समझ लीजिए कि IPO क्या होता है? दरअसल, जब कोई कंपनी अपने स्टॉक या शेयर्स छोटे-बड़े निवेशकों के लिए जारी करती है तो उसका जरिया IPO होता है। इसके बाद कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होती है।

IPO होता क्या है?
जब कोई कंपनी पहली बार अपनी कंपनी के शेयर्स को लोगों को ऑफर करती है तो इसे IPO कहते हैं। कंपनियों द्वारा ये IPO इसलिए जारी किया जाता है जिससे वह शेयर बाजार में आ सके। शेयर बाजार में उतरने के बाद कंपनी के शेयरों की खरीदारी और बिकवाली शेयर बाजार में हो सकेगी। यदि एक बार कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग की इजाजत मिल जाए तो फिर इन्हें खरीदा और बेचा जा सकता है। इसके बाद शेयर को खरीदने और बेचने से होने वाले फायदे और नुकसान में भागीदारी निवेशकों की होती है।

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